कलर्स अपने दिल को छू लेने वाले रोमांटिक ड्रामा ‘शायद यही है प्यार’ के साथ प्यार के जादू का जश्न मना रहा है
28 सितंबर को रात 9:30 बजे प्रीमियर और इसके बाद हर सोमवार से शुक्रवार रात 9:30 बजे केवल कलर्स और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगा ~
नई दिल्ली । उम्र एक संख्या है, जो जन्मदिन, उपलब्धियों और अनुभवों को दर्शाती है, लेकिन यह कभी तय करने के लिए नहीं बनी कि किसे किससे प्यार करना चाहिए। फिर भी दिल के मामलों में, हमारे समाज में आज भी उम्र के अंतर वाले रिश्तों को लेकर कई लोग सवाल उठाते हैं। प्यार की सीमाओं को और व्यापक बनाते हुए, कलर्स अपने नए रोमांस ड्रामा ‘शायद यही है प्यार’ के साथ इन धारणाओं को चुनौती देने जा रहा है। चर्चित कोरियाई सीरीज़ ‘समथिंग इन द रेन’ पर आधिकारिक रूप से आधारित यह सीमित अवधि का रोमांस ड्रामा एक अहम सवाल उठाता है कि हमारे रिश्तों में उम्र की अहमियत ज्यादा होनी चाहिए या फिर उस एहसास की, जो कोई हमें महसूस कराता है।
कहानी के केंद्र में प्रीति अरोड़ा (35) हैं, जो दिल्ली में रहने वाली एक कामकाजी महिला हैं। वह न केवल आधुनिक कार्यस्थल की चुनौतियों का सामना करती हैं, बल्कि लगातार एक सवाल के आधार पर आंकी जाती हैं कि आखिर उन्होंने अब तक शादी क्यों नहीं की। पिछले पांच वर्षों से वह गौरव गुलाटी (37) के साथ रिश्ते में थीं, जो हर पारंपरिक कसौटी पर खरा उतरने वाला एक आदर्श साथी माना जाता है, लेकिन उसकी बेवफाई प्रीति को उन सभी बातों पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर देती है, जिन्हें वह अब तक अपनी चाहत समझती आई थीं। जब प्रीति अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही होती हैं, तभी उनकी जिंदगी में आरव आहूजा (25) की एंट्री होती है। उनसे दस साल छोटा आरव एक आकर्षक और भावनात्मक रूप से परिपक्व गेम डेवलपर है, जो अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली लौटता है। वह कभी प्रीति का बचपन का प्रशंसक भी रह चुका है और संयोग से उसकी बहन का सबसे अच्छा दोस्त भी है। जो रिश्ता एक अप्रत्याशित दोस्ती के रूप में शुरू होता है, वह धीरे-धीरे ऐसे प्यार में बदल जाता है, जो उन तमाम नियमों को चुनौती देता है, जिनका पालन करना प्रीति को हमेशा सिखाया गया था। आरव समाज की बनाई हुई कसौटियों से परे जाकर प्रीति को देखता है, उन्हें सुरक्षित, खुश और सम्मानित महसूस कराता है तथा वर्षों के दबाव और अपेक्षाओं के नीचे छिपी उनकी असली पहचान को फिर से खोजने में मदद करता है। कार्यस्थल की राजनीति, माता-पिता की अपेक्षाओं, समाज की आलोचनाओं और 35 की उम्र में नई शुरुआत करने के डर के बीच प्रीति को एक बुनियादी सवाल का सामना करना पड़ता है। वह प्यार जो देखने में सही लगता है और वह प्यार जो महसूस करने में सही लगता है, इन दोनों में से वह किसे चुनेगी? पॉकेट एसेस द्वारा निर्मित ‘शायद यही है प्यार’ में अदिति देव शर्मा प्रीति अरोड़ा, दक्ष पुरी आरव आहूजा और कुणाल करण कपूर गौरव गुलाटी की भूमिका में नजर आएंगे। ‘शायद यही है प्यार’ का प्रीमियर 28 सितंबर को रात 9:30 बजे होगा और इसके बाद यह हर सोमवार से शुक्रवार रात 9:30 बजे सिर्फ कलर्स और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित किया जाएगा।
प्रीति अरोड़ा का किरदार निभाने को लेकर अदिति देव शर्मा कहती हैं, “शायद यही है प्यार मेरा पहला मॉडर्न एज-गैप रोमांस है और प्रीति के किरदार की सबसे खास बात यह है कि उसकी सबसे बड़ी लड़ाई उन नियमों से है, जिन पर उसे हमेशा विश्वास करना सिखाया गया है। 35 की उम्र में समाज एक महिला से उम्मीद करता है कि उसकी जिंदगी और प्यार से जुड़ी सारी बातें तय हो चुकी हों, ऐसे में प्यार में पड़ना, खासकर अपने से कम उम्र के पुरुष से, किसी अनदेखे नियम को तोड़ने जैसा महसूस होता है। प्रीति उन कई आधुनिक महिलाओं का प्रतिनिधित्व करती है, जो उम्र और अपेक्षाओं के कारण अपनी खुशियों को एक तरफ रख देती हैं। उसकी यात्रा उन नियमों को पीछे छोड़ने और यह जानने की है कि किसी भी उम्र में प्यार को चुनना और नई शुरुआत करना कितना आज़ादी भरा अनुभव हो सकता है।”
आरव आहूजा की दुनिया में कदम रखने को लेकर दक्ष पुरी कहते हैं, “प्यार भले ही समय की सीमाओं से परे हो, लेकिन समाज ने हमेशा उसे एक संख्या में बांधने की कोशिश की है। मेरा किरदार आरव इस सोच को चुनौती देता है कि परिपक्वता को सिर्फ उम्र के वर्षों से नहीं मापा जा सकता और वह मानता है कि प्यार में जादू करने की ताकत होती है। 25 साल की उम्र में वह भावनात्मक रूप से परिपक्व है, जिम्मेदारियों को समझता है और प्रीति को उनकी उम्र से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक व्यक्तित्व के लिए देखता है। उसकी भावनाएँ दोस्ती, समझ और एक सच्चे जुड़ाव से पैदा होती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह प्रीति को उसी रूप में देखता और समझता है जैसी वह हैं, बिना उनका आंकलन किए या उन्हें किसी परिभाषा में बांधने की कोशिश किए। वह कभी उन्हें ‘बचाने’ की कोशिश नहीं करता, बल्कि केवल उन्हें खुद को फिर से खोजने की जगह देता है, उन्हें यह एहसास कराता है कि उन्हें देखा और समझा जा रहा है, और याद दिलाता है कि वे समझे जाने और सम्मान पाने की हकदार हैं। उनकी कहानी इस बात की याद दिलाती है कि कई बार जिसे समाज ‘बहुत छोटा’ मानता है, वही आपके दिल को सबसे बेहतर तरीके से समझ सकता है।
गौरव गुलाटी का किरदार निभाने को लेकर कुणाल करण कपूर कहते हैं, “गौरव सफलता की पारंपरिक सोच का प्रतिनिधित्व करता है, ऐसी जिंदगी का जो प्रतिष्ठा, स्वीकृति और स्थिरता के इर्द-गिर्द बनी होती है। इस सफर में कहीं वह प्रीति को नजरअंदाज करने लगता है और उनके रिश्ते को इस आधार पर देखने लगता है कि उससे उसे क्या मिलता है। उसकी असुरक्षा और स्वीकार्यता पाने की जरूरत आखिरकार तब अधिकार जताने की भावना में बदल जाती है, जब वह प्रीति को अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते हुए देखता है। गौरव के जरिए यह शो इस बात को सामने लाता है कि समाज अक्सर पुरुषों की महत्वाकांक्षा का जश्न मनाता है, जबकि महिलाओं से स्थिरता के लिए समझौता करने की उम्मीद की जाती है, और यह सवाल उठाता है कि क्या जो विकल्प सबसे स्पष्ट दिखाई देता है, वह हमेशा सही भी होता है।
देखिए प्यार से सजी इस दिल छू लेने वाली कहानी ‘शायद यही है प्यार’, जिसका प्रीमियर 28 सितंबर को रात 9:30 बजे होगा और इसके बाद यह हर सोमवार से शुक्रवार रात 9:30 बजे सिर्फ कलर्स और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होगी।