अगर बॉलीवुड में किसी एक्टर से अपनी कमजोरी को ताकत में बदलकर सफलता के शीर्ष पर पहुंचने की प्रेरणा मिलती है, तो वो बॉलीवुड के ‘ग्रीक गॉड’ कहे जाने वाले ऋतिक रोशन हैं। एक्टर के लिए शब्दों का सही उच्चारण, फिजिकल फिटनेस, डांस और एक्शन की भारी डिमांड रहती है। यही ऋतिक की सबसे बड़ी कमजोरी थी।
बचपन से स्टैमरिंग (हकलाहट) की गंभीर समस्या और 21 साल की उम्र में स्कोलियोसिस नामक एक और गंभीर बीमारी ने ऋतिक के सपनों को कुचलने की पूरी कोशिश की। डॉक्टर्स ने यहां तक कह दिया था कि ऋतिक अगर एक्टिंग को प्रोफेशन के रूप में चुनते हैं, तो इससे जीवनभर के लिए डिसेबिलिटी हो सकती है। लेकिन उन्होंने बिना इनकी परवाह किए अपनी कमजोरियों और बीमारियों को हराकर सफलता की ऊंचाइयों को छुआ।
पिता चाहते थे ऋतिक अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें
ऋतिक रोशन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पूरी की और बाद में सिडेनहम कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उनके पिता राकेश रोशन चाहते थे कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और आगे की पढ़ाई के लिए विदेश जाएं। इसी दौरान उन्हें अमेरिका की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप का प्रस्ताव भी मिला था। हालांकि ऋतिक के मन में बचपन से ही अभिनय और सिनेमा के प्रति गहरा लगाव था, जिसके कारण उन्होंने उस सुनहरे शैक्षिक अवसर को ठुकरा दिया।