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गर्भावस्था में कब शुरू कर सकते हैं शहद खाना

शहद स्वादिष्ट और पौष्टिक होने के साथ-साथ चीनी का स्वस्थ विकल्प भी होता है। बच्चों से लेकर बूढ़े तक शहद का सेवन कर सकते हैं। इतना ही नहीं प्रेग्नेंसी में भी शहद खाने की सलाह दी जाती है लेकिन क्या आप ये जानती हैं कि गर्भावस्था में शहद कब और कितनी मात्रा में खाना चाहिए और इसके लाभ क्या हैं।
इस लेख के जरिए हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि प्रेगनेंसी में शहद खाना चाहिए या नहीं।
प्रेगनेंसी में शहद खा सकते हैं क्या?
जी हां, गर्भावस्था के दौरान शहद का सेवन करना सुरक्षित है और आप डॉक्टर की सलाह पर अपने आहार में भी इसे शामिल कर सकती हैं। प्रेग्नेंसी में शहद के सेवन को लेकर एक दिक्कत यह होती है कि इसकी वजह से बोटुलिज्म हो सकता है। हालांकि, ये केवल एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ही प्रभावित करता है।
वयस्कों के पेट में ऐसा बैक्टीरिया होता है जो बोटुलिनम टॉक्सिन से बचाता है और गर्भवती महिलाओं में भी ऐसा कम ही होता है। हालांकि, फिर भी एहतियात के तौर पर आपको गर्भावस्था के दौरान पाश्चुरीकृत शहद ही खाना चाहिए।
प्रेग्नेंसी में कितना शहद खा सकते हैं
गर्भावस्था में सीमित मात्रा में ही किसी भी चीज का सेवन करना लाभकारी रहता है। इस दौरान महिलाओं को 180 से 200 कैलोरी की जरूरत होती है इसलिए आपको कैलोरी की मात्रा को संतुलित रखने के लिए प्रतिदिन तीन से पांच चम्मच शहद खाना चाहिए।
चूंकि, शहद में फ्रूक्टोज, ग्लूकोज और मैल्टोज जैसे शुगर भी उच्च मात्रा में होते हैं इसलिए सिर्फ एक चम्मच शहद में ही लगभग 60 कैलोरी होती है। इस प्रकार प्रेग्नेंसी में महिलाओं को प्रतिदिन 4 चम्मच शहद से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
गर्भावस्था में शहद खाने के फायदे
1.इम्यून सिस्टम : बीमारियों से बचने के लिए प्रतिरक्षा तंत्र का मजबूत होना बहुत जरूरी है। शहद के एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।
2.जुकाम से राहत : इम्युनिटी कमजोर होने के कारएण प्रेग्नेंसी में जुकाम और सर्दी-खांसी आसानी से जकड़ लेती हैं। ऐसे में शहद आपको राहत दिला सकता है।
3.स्ट्रेस से राहत : प्रेग्नेंसी में कई तरह के बदलावों के कारण महिलाओं को तनाव होने लगता है जिससे अनिद्रा की परेशानी हो जाती है। रात को सोने से पहले दूध में शहद मिलाकर पीने से अच्छी नींद आती है।
गर्भावस्था में शहद खाने के नुकसान
यदि गर्भावस्था में उच्च मात्रा में शहद का सेवन किया जाए तो इस वजह से ऐंठन, पेट फूलने और दस्त की समस्या हो सकती है। शहद में मौजूद शुगर की अधिक मात्रा दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है। शहद में कैलोरी भी ज्यादा होती है इसलिए इससे वजन बढऩे की भी दिक्कत हो सकती है। हालांकि, यहां इस बात का ध्यान रखें कि केवल अधिक मात्रा में शहद का सेवन करने पर ही नुकसान होता है।
सावधानी बरतें
शहद को गर्म पानी में मिलाकर नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे उसमें मौजूद स्वस्थ एंजाइम्स नष्ट हो जाते हैं। गुनगुने पानी में शहद ले सकते हैं।

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