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डॉक्टर्स डे के उपलक्ष में प्रदेश के 25 प्रतिष्ठित डॉक्टर का सम्मान

  • गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का आयोजन
  • स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों के लिए की 05 बड़ी घोषणाएं

देहरादून! नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित “डॉक्टर ऑफ़ द ईयर” सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार इसी वर्ष से “डॉक्टर ऑफ़ द ईयर” की तर्ज पर मेडिकल फैकल्टी के लिए 05 चरक अवार्ड और उत्कृष्ट डॉक्टर के लिए 05 सुश्रुत अवार्ड प्रारंभ करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अवार्ड के लिए राज्य सरकार 1,00,000/-, 75000/- और 50000/- और 25- 25 हजार रुपए की धनराशि भी प्रदान करेगी। इसके साथ ही जिन डॉक्टर को और मेडिकल फैकल्टी को यह अवार्ड प्राप्त होगा उनको ट्रांसफर के मामले में 2 वर्ष की छूट भी प्रदान की जाएगी और साथ ही एक वर्ष के लिए अध्ययन हेतु विदेश भेजने की व्यवस्था करने की घोषणा की।
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के उपलक्ष पर गर्वनमेंट दून मंडिकल काॅलेज के ऑडिटोरियम में ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर अवार्ड- 2025‘ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि पद्म श्री डॉ. बी. के. एस. संजय एवं अध्यक्ष डॉ. ओंकार सिंह थे। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरुण त्रिपाठी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना तथा दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन भी मंचासीन थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि 2025 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सभी पदों में नियुक्ति हो जाएगी। साथ ही पदोन्नति को भी शत प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टर्स का एक अलग से काडर बनाया जाएगा तथा पर्वतीय भत्ता 50 प्रतिशत किया जाएगा। उन्होंने इस वर्ष के अंत तक सभी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल फैकल्टी के लिए शत प्रतिशत आवास बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने चिकित्सकों तथा मेडिकल फैकल्टी के ट्रांसफर के लिए अलग से ट्रांसफर नीति लाने की घोषणा भी की, जिसमें एक व्यक्ति एक पद पर एक जगह 03 वर्ष से अधिक नहीं रहेगा।
मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पूरे प्रदेश से चयनित 25 उत्कृष्ट डॉक्टर को इस वर्ष का “डॉक्टर ऑफ़ द ईयर” अवार्ड प्रदान किया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पद्म श्री डॉ. बी. के. एस. संजय ने कहा कि आज सड़क दुर्घटनाएं विकलांगता का मुख्य कारण है। सड़क दुर्घटनाओं ने प्रदेश में तबाही मचा रखी है। हर साल लगभग 1500 दुर्घटनाएं होती है जिनमें 1000 लोगों की मौत हो जाती है। डॉ. संजय ने मुख्य अतिथि माननीय स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी से अनुरोध किया कि सड़क सुरक्षा स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो यह न केवल प्रदेश बल्कि देश के हित में ऐतिहासिक कदम होगा।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. ओंकार सिंह ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का इतना व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए कि समाज का एक तबका इसका लाभ ही ना ले सके। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरुण त्रिपाठी ने स्वस्थ जीवन एवं सफल इलाज में आयुष चिकित्सा के महत्व को रेखांकित किया। चिकित्सा शिक्षा, उत्तराखंड के निदेशक, डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि चिकित्सकों को कुछ हद तक निष्काम भाव से सेवा करनी चाहिए और समाज को उनके सेवा भाव की सराहना करनी चाहिए। कार्यक्रम को दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन ने भी संबोधित किया। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के अन्य अतिथियों ने भी चिकित्सकों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम का स्वागत संबोधन आयोजन सचिव एवं दिव्य हिमगिरि के संपादक कुँवर राज अस्थाना ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ आशीष उनियाल ने दिया। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने डॉ ऋचा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए न बी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर ओंकार सिंह ने चिकित्सकों के महत्व और चिकित्सा शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि पदम श्री डॉक्टर बी के एस संजय ने अपने संबोधन में डॉक्टर के साथ नर्स एनेस्थेटिक और लब टेक्निशियन की भूमिका को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर अरुण त्रिपाठी ने चिकित्सा के क्षेत्र में आयुर्वेद के महत्व को रेखांकित किया निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉक्टर आशुतोष राणा ने बताया कि किस तरह से चिकित्सक को अपने ज्ञान का उपयोग करते हुए मरीज की सेवा करनी है उसे सेवा का फल ईश्वर के हाथ में है। राजकीय दूध मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर गीता जैन ने आज के दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया की किस तरह से देश में राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुरुआत हुई। इससे पूर्व अपने स्वागत संबोधन में कार्यक्रम के आयोजन एवं दिव्या हिमगिरि के संपादक कुंवर राज स्थान ने कार्यक्रम के विषय के बारे में बताया और इस वर्ष चयनित डॉक्टरों की प्रक्रिया और पूर्व के कार्यक्रमों के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर रिचा ने किया एवं वोट आफ थैंक्स एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉक्टर आशीष उनियाल ने दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ आशीष उनियाल एवं कंवर राज अस्थाना ने मंचासीन सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

जिनको सम्मानित किया गया

1. डॉ. अनुराग रावत, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जॉलीग्रांट
2. डॉ. जयंती सेमवाल, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जॉलीग्रांट
3. डॉ. गुरजीत खुराना, हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जॉलीग्रांट
4. प्रो. (डॉ.) चंद्र शेखर, राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार
5. डॉ. ओमना चावला, राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार
6. डॉ. डी.के. टम्टा, वीसीएसजी राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर (गढ़वाल)
7. डॉ. दीपा हटवाल, वीसीएसजी सरकारी मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर (गढ़वाल)
8. प्रो. (डॉ.) वरुण कुमार, सीमा डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल, ऋषिकेश,
9. डॉ अंजुम सैयद, एम्स ऋषिकेश
10. डॉ. शैलेन्द्र हांडू, एम्स ऋषिकेश
11. डॉ. मोहित ढींगरा, एम्स ऋषिकेश
12. डॉ. अजय कुमार गुप्ता, ऋषिकुल परिसर, यूएयू, हरिद्वार
13. डॉ. ज्ञानेंद्र दत्त शुक्ल, गुरुकुल परिसर, यूएयू, हरिद्वार।
14. डॉ. मन्नत मरवाहा, हर्रावाला कैम्पस, यूएयू, देहरादून
15. डॉ. (लेफ्टिनेंट कर्नल) राहुल शुक्ला, गौतम बुद्ध चिकित्सा महाविद्यालय
16. डॉ. (श्रीमती) सविता गोयल, सविता पैथोलॉजी सेंटर
17. डॉ. पंकज अरोड़ा, श्री महंत इंद्रेश अस्पताल और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज
18. डॉ तृप्ति ममगाईं, श्री महंत इंद्रेश अस्पताल और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज
19. डॉ. उत्कर्ष शर्मा, श्री महंत इंद्रेश अस्पताल और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज
20. डॉ.अखिलेश पांडे, ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस
21. डॉ. उषा रावत, राजकीय अल्मोडा मेडिकल कॉलेज
22. डॉ. अशोक कुमार, राजकीय अल्मोडा मेडिकल कॉलेज
23. डॉ. अभय, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून
24. डॉ.वंदना बिष्ट, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून
25. डॉ शिव यादव, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून

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