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इण्डियन मास्टरमाइंडस संस्था ने उत्तराखंड गुड गवर्नेंस अवॉर्ड्स 2025 कार्यक्रम का किया आयोजन

  • प्रमुख सचिव (कार्मिक एवं सामान्य प्रशासन) मीनाक्षी आर. सुंदरम ने पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता टम्टा सहित शासन की कई विभूतियां को उत्कृष्ट कार्य करने पर अवार्ड देकर सम्मानित किया

देहरादून। आज का दिन वास्तव में शासन प्रशासन में बैठी ऐसी कई हस्तियां को उनके उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्यों को सिर आंखों पर बैठाकर उनको सम्मानित करने का रहा है, जिन्होंने न सिर्फ अपने महत्वपूर्ण ओहदों पर रहकर अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन किया बल्कि अच्छे कार्यों के लिए अपनी छाप भी छोड़ी है । अवार्ड 2025 के किस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक सुनीता तमता सहित कई को विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने पर अवार्ड देकर सम्मानित किया । सुंदरम ने यह अवार्ड देते हुए कहा कि हम सभी का पैरामीटर विकास होना चाहिए । उत्कृष्टता के सम्मान से नमस्ते हुए नवाज होते हुए प्रमुख सचिव ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अधिकारियों को सदैव हुई सही दिशा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए । उत्तराखंड गुड गवर्नेंस अवॉर्ड्स 2025 में बेहतरीन प्रशासनिक नेतृत्व को सम्मानित किए जाने के इस सुनहरे अवसर पर उत्तराखंड राज्य की जूरी माने गए पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे, पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह तथा पूर्व डीजीपी एम ए गणपति के कार्यों को बखूबी सराहा गया । अवार्ड सेरेमनी में यह अवॉर्ड्स विशेष रूप से उन जिलों को मिले, जिन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे विकास के नए मापदंड स्थापित हुए।


इस साल के अवॉर्ड्स में खासतौर से उत्तराखंड के प्रशासनिक बदलावों को सराहा गया, जिसने राज्य को एक बेहतर शासन व्यवस्था और स्थायी विकास का मॉडल बनाया। इस मौके पर नीति-निर्माता, कई जाने माने प्रशासनिक अधिकारी और विशेषज्ञ एक साथ आए और उत्तराखंड के विकास पर चर्चा करते हुए उसमें उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक आपदा ग्रस्त एवं आर्थिक परिस्थितियों पर गहन चर्चा एवं मंथन करते हुए चुनौतियां को देखते हुए पूरी मुस्तादी के साथ कार्य करने पर बोल दिया गया इस चर्चा एवं मंथन में वरिष्ठ पत्रकार एसएमए काज़मी, सौरभ इंडियन ऑयल के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले कृष्ण कुमार गुप्ता आदि ने प्रतिभाग किया और अपने अनुभव एवं सुझाव देते हुए राज्य एवं देश को विकास की दिशा में और आगे ले जाने पर बल दिया । उत्तराखंड का चमकता सितारा नैनीताल इस साल के अवॉर्ड्स में सबसे आगे रहा। नैनीताल ने सभी प्रमुख श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल कर इतिहास रचा। देहरादून ने चार अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। वहीं, ऊधमसिंहनगर और हरिद्वार को दो-दो श्रेणियों में अवॉर्ड मिले।
उत्कृष्टता के उत्सव में कभी ‘मनी-ऑर्डर इकोनॉमी’ से जूझ रहे उत्तराखंड ने 2000 में अपने गठन के बाद से जबरदस्त बदलाव देखा है। आर्थिक चुनौतियों से निकलकर यह राज्य आज विकास का प्रतीक बन चुका है। इंडियन मास्टरमाइंड्स, इंडियन मास्टरमाइंड रिसर्च एंड वेलफेयर फाउंडेशन, सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस और श्रेष्ठ उत्तराखंड ने इस अवॉर्ड समारोह की शुरुआत की, ताकि उन लोगों को सम्मानित किया जा सके जिन्होंने राज्य को इस मुकाम तक पहुंचाया आईआरडीटी ऑडिटोरियम में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के विकास में योगदान देने वाले प्रमुख अधिकारियों और विशेषज्ञों की मौजूदगी रही।
समारोह की शुरुआत ‘उत्तराखंड के विकास की दृष्टि’ पर एक विशेष पैनल चर्चा से हुई, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस चर्चा में प्रमुख वक्ताओं के रूप में सौरभ तिवारी (हेड और डायरेक्टर, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड – BIS, देहरादून), कृष्ण कुमार गुप्ता (डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड), राजेंद्र पी. ममगैन (विकास अर्थशास्त्री), और एस.एम.ए. काज़मी (पूर्व संपादक, द ट्रिब्यून, देहरादून) ने भाग लिया। चर्चा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार मनोज सिंह ने किया। इस विचार-विमर्श में आधुनिक प्रशासनिक मॉडल, सतत विकास की संभावनाएं, और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में नए विचारों और योजनाओं को प्रेरणा मिली। महिला सशक्तिकरण पुरस्कार में नैनीताल ने स्कोर 74 के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, जहाँ महिला स्वयं सहायता समूहों और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों को विशेष बढ़ावा दिया गया। इस श्रेणी में पौड़ी गढ़वाल दूसरे स्थान पर और अल्मोड़ा एवं बागेश्वर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। कानून व्यवस्था उत्कृष्टता पुरस्कार में नैनीताल ने स्कोर 80 के साथ प्रभावी पुलिसिंग और सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि ऊधम सिंह नगर और देहरादून क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। उत्तराखंड राज्य की राजधानी में आयोजित किए गए इस अवार्ड कार्यक्रम में इंडियन मास्टरमाइंड्स द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम उत्तराखंड की नवाचार, नेतृत्व और विकास की भावना का प्रमाण बनाकर सभी के सामने उभरा है।

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