डेयरी उद्योग से सीमांत क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

पिथौरागढ़। पशुपालन विभाग ने डेयरी उद्योग से सीमांत की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल शुरू कर दी है। विभाग ने सतगढ़ की महिला समूहों की सदस्यों को भटेड़ी गांव ले जाकर डेयरी उद्योग की जानकारियों से रुबरू कराया। महिलाओं ने यहां खोया, पनीर बनाने व मुर्गी पालन की बारीकिंयां सीखीं। विभाग के अनुसार जल्द ही महिला समूहों को डेयरी उद्योग से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार मुहैया कराया जाएगा।
आईएमए विलेज को मूर्त रूप देने के लिए पशुपालन विभाग ने पहल शुरू कर दी है। इसके तहत सतगढ़ की महिलाओं को डेयरी उद्योग की बारीकियां सिखाने भटेड़ी का दौरा कराया गया। डॉ. फरहीन व केडी कापड़ी के नेतृत्व में समूहों से जुड़ीं 20से अधिक महिलाओं ने भटेड़ी पहुंचकर खोया, पनीर बनाने व मुर्गी पालन की बारीकियां सीखीं। सीवीओ डॉ. विद्यासागर कापड़ी ने कहा आत्मा परियोजना के तहत भ्रमण कार्यक्रम कराया गया। कहा विभाग डेयरी उद्योग के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास कर रहा है। कहा निश्चित तौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सफलता मिलेगी। महिला समूहों के सदस्यों ने विभाग के इस प्रयास को जमकर सराहा। इस मौके पर सुनीता देवी, हेमा कापड़ी, पुष्पा, राधा देवी, चंद्रा, माधवी, दीपा सहित कई महिलाएं शामिल रहीं।

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