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लगातार बर्फबारी से मसूरी की पहाडिय़ां बर्फ से लकदक हुई,पर्यटक की उमड़ी भीड़

उत्तराखंड में मौसम के तल्ख तेवर बरकरार हैं। मसूरी में दो दिन की बारिश के बाद भारी हिमपात हुआ। यहां दिनभर रिमझिम बारिश के बाद गत शाम करीब पांच बजे बर्फबारी शुरू हुई जो देर रात तक भी जारी रही। तीन घंटे की बर्फबारी से ही मसूरी की पहाडिय़ां बर्फ से लकदक हो गईं। कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में यहां बर्फबारी का लुत्फ लेने पर्यटक पहुंच गए, जिससे यहां जाम की स्थिति भी बनी रही। सुखद स्थिति यह है कि बारिश और बर्फबारी का दौर देर रात के बाद थम गया और उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों  पर गुरुवार की सुबह धूप खिल गई।

भारी बर्फबारी के कारण मसूरी के आसपास के क्षेत्रों में सड़क मार्ग भी बाधित रहे। इसके अलावा रात को बत्ती गुल होने के कारण पूरा शहर अंधेरे में डूब गया और देर रात तक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। देर रात तक माल रोड पर करीब आधा फीट से अधिक बर्फ की चादर बिछ गई थी। मसूरी के लालटिब्बा, दुधली भदराज, जॉर्ज एवरेस्ट, विंसेंट हिल, गनहिल में दोपहर बाद रुक-रुककर हिमपात होता रहा। देर रात 12 बजे तक यहां करीब डेढ़ फीट हिमपात हो चुका था।

मसूरी उमड़ा पर्यटकों का हुजूम, घंटों जाम में फंसे वाहन

शाम को मसूरी में हिमपात शुरू होते ही बड़ी संख्या में पर्यटक उमड़ पड़े। जिससे शहर समेत आसपास के क्षेत्रों में भीषण जाम की स्थिति बन गई। घंटों जाम में फंसने से बर्फबारी का लुत्फ लेने आए पर्यटकों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। मसूरी में माल रोड सहित लाइब्रेरी रोड, कुलड़ी बाजार सहित शहर के अनेक हिस्सों में जाम लग गया।

सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। मसूरी-कैम्पटी, मसूरी-सुवाखोली-धनोल्टी मार्ग पर भी आवाजाही ठप रही। पुलिस बल मसूरी-देहरादून मार्ग पर देर रात तक यातायात सुचारु रखने में जुटा रहा। बर्फ में फिसलकर कुलड़ी बाजार, हेड पोस्ट ऑफिस के समीप और माल रोड पर अनेक वाहन आपस में टकरा गए।

शाम छह बजे ही वाहनों को जाने से रोका

शाम पांच बजे मसूरी में बर्फबारी शुरू हुई और आधे घंटे के भीतर बड़ी संख्या में पर्यटकों ने मसूरी का रुख कर दिया। इससे देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातयात दबाव बढ़ गया। उधर, मसूरी में पहले से ठहरे पर्यटक भी बर्फबारी का लुत्फ लेने सड़कों पर निकल आए। जिससे जाम की स्थिति बन गई। ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने कुठालगेट पर बेरिकेडिंग लगाकर मसूरी जाने वाले वाहनों को रोक दिया। दून आने वाले वाहनों के लिए मार्ग खुला रखा गया।

धनोल्टी में सड़क से बर्फ हटाने में मशक्कत

धनोल्टी में दो दिन से बर्फबारी का दौर जारी है। यहां डेढ से दो फीट तक हिमपात हो चुका है। समीपवर्ती नागटिब्बा में भी भारी हिमपात हुआ है। ऐसे में धनोल्टी व बुरांशखंडा में बुधवार को अनेक वाहन बर्फ में फंस रहे, लेकिन लगातार हो रही तेज बर्फबारी के कारण जेसीबी को बर्फ हटाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। उधर, पूरी यमुना व अगलाड़ और दून घाटी में लगातार बारिश हो रही है।

मसूरी में पारा शून्य से नीचे

मौसम के तल्ख मिजाज से समूचा उत्तराखंड शीतलहर की चपेट में है। मसूरी, जोशीमठ, मुक्तेश्वर और चम्पावत में पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। वहीं तीन अन्य शहरों में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस से भी कम रहा। इसके अलावा अधिकतम तापमान ने भी गोता लगाया। प्रदेश के आठ शहरों में यह दहाई के आंकड़े को भी नहीं छू पाया।

नलों में जमा पानी, बर्फ पिघलाकर बुझा रहे प्यास

मसूरी और धनोल्टी में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हैं। धनोल्टी में 20 पर्यटक विभिन्न होटलों में ठहरे हुए हैं। सड़कें बंद होने से वह वहां से निकल नहीं पा रहे। धनोल्टी के एसडीएम प्रशासन का कहना है कि जेसीबी की मदद से सड़क खुलवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच मसूरी और धनोल्टी में पानी पाइप लाइनों में जम गया है। ऐसे में क्षेत्र के लोग बर्फ पिघलाकर प्यास बुझा रहे हैं।

हवाई सेवा पर भी असर

हवाई सेवा पर भी मौसम का असर नजर आया। देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर एयर इंडिया की दो फ्लाइट लैंड नहीं कर पाईं। वहीं शाम की दो फ्लाइट रद कर दी गईं। देहरादून और पंतनगर के बीच भी विमान उड़ान नहीं भर पाया।

बारिश-बर्फबारी से 300 से ज्यादा गांव पड़े अलग-थलग

उत्तराखंड में तीसरे दिन भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहा। दिनभर बारिश के बाद शाम को मसूरी और चकराता में जोरदार बर्फबारी शुरू हो गई, वहीं पौड़ी में भी सीजन का पहला हिमपात हुआ। मौसम के तेवरों से प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

आलम यह है कि तीन सौ से ज्यादा गांव जिला मुख्यालयों से कट गए हैं, जबकि करीब 400 गांवों में बिजली गुल है। दो दर्जन से अधिक सड़कों पर आवागमन ठप हो गया है। भारी बर्फबारी के कारण औली जाने वाले मार्ग समेत गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे के अलावा कुमाऊं के पिथौरागढ़ में थल-मुनस्यारी मार्ग दूसरे दिन भी नहीं खोले जा सके।

प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में कड़ाके की ठंड के चलते तीक्ष्ण शीत दिवस की स्थिति बनी रही। गुरुवार की सुबह मैदानी इलाकों में कोहरना छाने के बाद धूप निकल आई। वहीं, पहाड़ों में भी राहत है और सुबह से धूप खिल गई। हालांकि फिलहाल कड़ाके की ठंड बरकरार रहेगी।

कड़ाके की ठंड को देखते हुए हरिद्वार में जिलाधिकारी ने आठ जनवरी के बाद अब नौ और दस जनवरी को भी कक्षा एक से आठवीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।

हनोल में 20 तो साहिया में  40 साल बाद बर्फबारी

मौसम के बिगड़े मिजाज से पूरे प्रदेश में जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं, कुछ सुखद तस्वीरें भी सामने आई हैं। इस बार त्यूणी, साहिया और हनोल में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां दशकों बाद हिमपात हुआ है। वहीं, मसूरी, धनोल्टी, सुरकंडा और चकराता में भारी बर्फबारी हुई है।

जौनसार-बावर क्षेत्र में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के बाद बुधवार को बर्फबारी ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। टोंस घाटी में बसे त्यूणी बाजार में 25 साल बाद लोगों ने बर्फबारी का नजारा देखा। जबकि पर्यटन नगरी हनोल व कांडा में भी 20 साल बाद बर्फ की फुहारें पड़ीं। पहाड़ों की तलहटी में बसे इन क्षेत्रों में अरसे बाद बर्फबारी होने से लोगों में कौतूहल बना हुआ है।

वहीं, बुधवार शाम तलहटी में बसे जौनसार के साहिया बाजार में भी बर्फबारी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 40 साल बाद यहां हिमपात हुआ है। अरसे बाद साहिया बाजार में बर्फबारी होने से व्यापारी और ग्रामीण बेहद उत्साहित हैं। बर्फबारी के चलते क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।

बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित, बाजारों से कटा संपर्क

बारिश और बर्फबारी के कारण पूरा जौनसार बावर क्षेत्र कड़ाके की ठंड से जूझ रहा है। ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात और सड़क मार्ग बाधित होने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के कई गांवों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित है। सड़कें बंद होने से लोगों का बाजारों से भी संपर्क कट गया है।

मसूरी-दून मार्ग पर फंसे वाहन, तीन जेसीबी लगाई

मसूरी में हुई भारी बर्फबारी पर्यटकों के लिए लुत्फ से ज्यादा सजा बन गई। देर रात हो रही बारिश के कारण सडकें बेहद खतरनाक हो गईं और जगह-जगह वाहन फिसलकर टकराने लगे। ऐसे में पुलिस ने पर्यटकों के वाहन सड़क किनारे खड़े करवाए और उन्हें होटल पहुंचाया। जबकि, रातभर तीन जेसीबी यहां सड़क से बर्फ हटाने के काम में जुटी रहीं।

(फोटोः मसूरी में बर्फ से ढके वाहन)

दो दिन की बारिश और बुधवार शाम हुई बर्फबारी मसूरी में आफत बन गई। कड़ाके की ठंड के बाद जब शाम को बर्फबारी शुरू हुई तो मसूरी पर्यटकों से गुलजार हो गया। तीन घंटे से भी अधिक समय तक हुई बर्फबारी ने मसूरी की सड़कों पर करीब आधा फीट मोटी चादर बिछा दी। इस पर वाहनों की आवाजाही होने के कारण सड़कों में फिसलन बढ़ गई और वाहन अनियंत्रित होने लगे।

हालांकि लोनिवि की जेसीबी और आइटीबीपी के जवान लगातार सड़कों से बर्फ हटाकर यातायात सुचारू बनाए रखने का प्रयास करते रहे, लेकिन जाम और पर्यटकों की बड़ी संख्या के कारण वाहनों को नहीं निकाला जा सका। जेपी बैंड से नीचे दून की ओर कई वाहन फंसे रहे। जिस पर पुलिस ने वाहन वहीं सड़कों पर वाहन खड़े करवाए और पर्यटकों को होटल पहुंचा दिया।

अंधेरे में डूबा रहा शहर, विधायक ने लगाई फटकार

मसूरी में बर्फबारी के बाद उपजी समस्याओं की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक गणेश जोशी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई। शाम को बर्फबारी के बाद मसूरी अंधेरे में डूब गई। देर रात बिजली आई, लेकिन इसके बाद भी बिजली की आंख-मिचौनी जारी रही। इसके अलावा विधायक ने लोनिवि को भी सड़क खोलने को मुस्तैद रहने की हिदायत दी।

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